Saturday, February 25, 2017

62th day :: Computer hi Computer hai, Solution kuch pata nahi

आज की दुनिया में कंप्यूटर का बहुत महत्त्व है।  कंप्यूटर ने हमारे बहुत से काम आसान कर दिए है।  वास्तव में कंप्यूटर ने भगवान् का रूप ले लिया है।  आपको जानकार आश्चर्य होगा क़ि अब ये सिर्फ कहने की ही बात नहीं रह गयी है यह सच है , आज परम कंप्यूटर ने परमात्मा की जगह ले ली है।  हमसे जो कहा जाता है कि परमात्मा सब देख , सुन और जान रहा है , वो असल में कोई व्यक्ति होता है जो परम कंप्यूटरों के माध्यम से हमारी जानकारियां चुरा रहा होता है। दुनिया भर में कुल 50 -100  सुपर कंप्यूटर, परम कंप्यूटर या क़्वांटम कंप्यूटर होंगे जो इन्ही तरह के कामो में लगे है। अगर इनका उपयोग समाज की भलाई के लिए और बुरे लोगों के खिलाफ  होता तो शायद इतनी दिक्कत की बात नहीं थी लेकिन दुर्भाग्य से ऐसा नहीं हो रहा है , बल्कि इसका ठीक उल्टा यानी कुछ पावरफुल लोगों द्वारा आम लोगों के खिलाफ और scientists की कीमती जानकारिया चुराने में  हो रहा है।
आइये मैं आपको detail में बताता हूँ -

1.   Listener Computer :-  इस तरह के कंप्यूटर के द्वारा आपकी सभी बातें चाहे वो कितनी ही निजी क्यों न हो सुनी जा सकती हैं , यहां तक कि आपके बैडरूम की बातें भी। अब आप ही सोचिये कि दुनिया में कितने ऐसे लोग होंगे जो आपके बैडरूम की बातें जानकर  उसका सही इस्तेमाल करेंगे। आपकी बात सुनने के लिए ये शायद आपको एक ख़ास तरह का पेय या खाद्य पदार्थ आपको दे दें।

2.   Eye Reader :-  इस तरह के कंप्यूटर के द्वारा आपके द्वारा देखी जाने वाली हर चीज कोई दूसरा देख सकता है , यहां तक कि बैडरूम में आप क्या कर रहे हैं वो भी।  अब ऐसे दृश्यों का कितने लोग सही इस्तेमाल करते होंगे ? आपकी आंखों से देखने के लिए भी ये शायद आपको एक ख़ास तरह का पेय या खाद्य पदार्थ आपको दे दें।

3.   Mind Reader :-  इस तरह का कंप्यूटर ऊपर के दोनों कंप्यूटरों से ज्यादा खतरनाक है।  इसकी मदद से आप क्या सोच रहे हैं , ये भी पता लगाया जा सकता है।  आप सभी जानते हैं कि हमारा दिमाग एक ऐसी प्रयोगशाला है जिसमें 99 गलत प्रोडक्ट बनने के बाद ही एक सही प्रोडक्ट बनता है। ऐसे में हमारे 99 गलत प्रोडक्ट के आधार पर हमें कितना ब्लैकमेल किया जा सकता है? ऐसा करने के लिए भी ये शायद आपको एक ख़ास तरह का पेय या खाद्य पदार्थ आपको दे दें।

4.   Internet Reader :-   इस तरह के कंप्यूटर के द्वारा इन्टरनेट पर आपकी सारी  activities और histori  जैसे कि अभी आप नेट पर क्या कर रहे हैं , से लेकर past में आपने क्या-क्या सर्च किया , क्या देखा , क्या पसंद किया , क्या नापसंद किया।, एडल्ट डेटिंग साइट पर गए या नहीं , पोर्न देखा कि नहीं जैसी सारी जानकारियां जुताई जा सकती हैं और कहने की बात नहीं है कि इसके आधार पर आपको ब्लैकमेल भी किया जा सकता है।

5.  Some anti- Computers :-  ये कुछ ऐसे कंप्यूटर हैं जो खासकर ऊपर के कंप्यूटरों के प्रभाव से बचने के लिए बनाये गए हैं।  मैं इनके बारे में ज्यादा नहीं कहना चाहूंगा क्योंकि हो सकता है ये समाज की भलाई के लिए हों।

6.  Climate Change  :-  इस तरह के कंप्यूटर के द्वारा किसी भी तरह का मौसम परिवर्तन संभव है।  उदाहरण के लिए अगर satelight में एक बड़ा लेंस फिट कर के सूरज की किरणों को एक ख़ास दिशा में मोड़ दिया जाए तो उस दिशा में गर्मी और दूसरी दिशा में छाया या ठंडी हो जायेगी।

7.  Scary Scene Creater :-  इस तरह के कंप्यूटर द्वारा किसी के भी घर में scary scene create की जा सकती है।  जिसके लिए 3d sound , 3d picture , some light effect etc का इस्तेमाल किया जा सकता है। हो सकता है कि आपके घर के आसपास कुछ साउंड बॉक्स और मशीनें रखी हों , जिनसे 3d sound aur 3d picture create की जा रही हों और आपको लगता हो कि आवाज आपके घर के अंदर से आ रही है।  जैसा कि हेडफोन से 3d sound सुनते हुए लगता है , 3d picture के लिए हो सकता है कि टेक्नोलॉजी इतनी बढ़ गयी हो कि 3d picture के लिए आपको स्पेशल चश्मे की जरूरत न पड़े और आपको सब कुछ रियल लगे। जहाँ तक बिजली का सवाल है तो बोर्ड में एक चोट सा चिप लगा कर बल्ब में scary effect  दिया जा सकता है।

8.  Computers for medical tests :-  मेडिकल क्षेत्र में भी संभव है कि विभिन्न प्रकार की बीमारियां पैदा करने वाली दवाएं (खासकर एक निश्चित समय के बाद रियेक्ट करने वाली ) बनाने के लिए और genetically synthesized बीज , जानवर और इंसान भी बनाने के लिए इनका उपयोग होता हो।

वैसे अगर किसी भी ताकत का इस्तेमाल आम जनता की भलाई के लिए हो तो मैं  उसे सही मानता हूँ लेकिन इन ताकतों का सही इस्तेमाल नहीं हो रहा है। भले ही इनका आविष्कार समाज की भलाई के लिए हुआ हो लेकिन जैसा की कहावत है कि मोहब्बत और जंग में सब जायज है , उसी तरह या तो किसी के लगाव में या किसी  से नफरत में इन लोगों ने इंसानियत की सारी  सीमाएं पार  कर दी। हालात ये है कि एक दुश्मन की जानकारी जुटाने के लिए ये हजारों , लाखों लोगों की निजी जानकारियों से खिलवाड़ करने से नहीं चूकते।
अंत में मैं बस यही कहना चाहता हु कि इस तरह के ताकत का इस्तेमाल सिर्फ कुछ बुरे लोगों के खिलाफ जानकारी जुटाने के लिए और सीमित मात्रा में होना चाहिए अथवा इन्हें पूरी तरह से नष्ट कर दिया जाना चाहिए। 

Sunday, February 19, 2017

61th Day :: A good decision to make our country clean

Make non_veg, liquor, cigarette & lather industry only in one district...

हमारा देश विविधताओ का देश है। हमारे देश में शाकाहारी और मांसाहारी दोनों तरह के लोग पर्याप्त मात्रा में है।  समस्या ये है कि माँसाहारी व्यक्ति को तो शाकाहारी व्यक्ति से कोई दिक्कत नहीं होती क्योंकि वो माँस के साथ -साथ साग -सब्जी भी खा सकता है लेकिन शाकाहारी व्यक्ति को माँस , शराब आदि से दिक्कत होती है।  साथ ही असामाजिक तत्व भी शराबी और माँसाहारी लोग ही होते हैं।
इसलिए मेरा सुझाव है कि अगर मांस ,,शराब , गुटखा ,सिगरेट ,बीड़ी , चमड़ा आदि जैसे उद्योगों को देश भर से हटाकर सिर्फ एक शहर तक सीमित कर दिया जाय और इनकी बिक्री के लिए हर शहर और गाँव से ५०० मीटर दूरी पर एक छोटा सा बाजार निर्धारित कर दिया जाए , जहां डिब्बा बंद मांस , शराब , सिगरेट आदि उपलब्ध हो। बाकि हर जगह इन चीजों की बिक्री पर रोक लगा दी जाये।
इससे एक फायदा तो ये होगा कि शाकाहारी लोगों को अपने सामने बकरा आदि कटते हुए और सड़क आदि पर फेंके गए बेकार मांस के टुकड़ों को नहीं देखना पड़ेगा और दूसरा फायदा ये होगा कि गाँव के सभी असामाजिक तत्त्व अधिकतर गाँव से बाहर रहेंगे जिससे गाँव में होने वाले लड़ाई - झगड़े भी कुछ हद तक कम हो जायेंगे।
सबसे बड़ी बात है क़ि यही चीजे है जो सडकों पर और लोगों के दिमाग में सबसे ज्यादा गँदगी पैदा करती है जिससे समाज का माहौल खराब होता है। 

Saturday, February 18, 2017

60th Day. :: Love: from my point of view

Love is simply the god's grace on earth.
True Love is to find someone who feels to you like everything, someone without which you can't find the happiness in your favourite music, without which you feel tatally alone even in the crowd, no taste feels in your favourite dishes. The two of them are like the two parts of zigsaw puzzle which makes a perfect picture after combined I.e. together they mean everything but without joining they mean nothing & as one of my friend has said that if one can love another not only when he sees others brighter side but after seeing darker side of that, then It's true Love..!

59th Day :: How to make our society clean from bad people

Our society is like a computer system & bad people are like the file infected with a virus. So we should use a solid antivirus system to make our computer(society) clean.Now think how an antivirus works:- it first repaires the files which are less corrupted and repairable & deletes the highly corrupted and unrepairable files.
Now a question raises that how we can set the limit when a corrupted file(bad people) is repairable and when it needs deleting? this limit all depends on our capacity or +ve energy.for this take a look to the science theory of energy:-
Positive and negative energy :-. Energy is like two pots filled with water. If we connect both the pots then energy will flow from higher to lower energy pot either it's +ve or -ve.  So We should be in the company of people with higher +ve energy & away from people with-ve energy.


we can use our anti virus by using 3 keys-
  i. e.  Ctrl, Alt then Delete key
now learn the condition to use these keys:-

Ctrl key      :-  if you have more +ve energy than the man's or people's -ve energy you are facing and their fault is forgivable then follow this method. Here you can try to change that people. Bellow is the basic  maths formula which will show that what type of behaviour we should follow with what type of people-


1.   (+)  *  (+)  =  (+)
2.   (-)  *  (-)    =  (+)
3.   (+)  *  (-)   =  (-)
4.   (-)   *  (+)   =  (-)
#   here sign in first column shows good(+) or bad(-) people & second sign with multiplication sign(*) shows the behavior we use against them & the third sign shows the results We get.
As you can see in first option if you use good behaviour with good people then we get good results,in second option if we use bad behaviour with bad people then it also gives us good results, in third option if We use bad behaviour with good people then we get bad results & in the last option if We use good behaviour with bad people then again we will get bad results..
These results are very true in our lives. Generally we and our system make some faults that we use bad behaviour for good people & good behaviour for bad people because of which we get many bad results.
E.g. our system behave very badly for any government offices work & on the other side human rights groups many times fights for criminals which all creates problems in society.

Alt key        :-.    Use this key I.e. alternative solution if fault is forgivable but you don't have sufficient +ve energy to convert -ve people against you into +ve & you hope that after some time you will get required +ve energy or you will get help from someone or from police etc. For getting time you can make a wall between you and other people. If your wall weakens before getting sufficient energy then use Tit for tat formula..

Delete key  :- if you cannot arrange sufficient +ve energy to change people or person is so much corrupted (has very high -ve energy) that he will take very long time to make +ve, then follow delete option

Friday, February 17, 2017

64th day :: What we mean by Spirituality

Spirituality is a well planned psychology for goodness of honest people except some which are implanted forcefully for looting people by fake priests.
E.g.
  -  If you help others, the God will help you:  I have been described it in previous post that if you help others then many others will also get inspired & help people in need. Suddenly it will be a routine. Thus now you will get the most possibility of getting helped in danger.
Many other examples also exists but i can't get it right now ....

58th Day ::. Want to do Suicide; please do but do that slightly differently

I have explained before that suicide is also a type of decease and it can be cured as well as can be created also.  So if you are suffering from  suicidal thoughts then please contact a psychologist or psychiatrist.
But what to do untill you contact the doctor? you know that bear doesn't kill or eat the dead person, death is also like this . when you get surrounded by suicidal thoughts, just close your eyes & suppose yourself as dead! Now think what is the use of your dead body? you will feel that dead body is of no use for you ,so decide that you will donate it to the world i. e. "after today i will never want anything for me because i'm dead & so i will do everything for others".  Try to sleep now. Next day as you arises first remember what you have decided yesterday then think "today before sleeping I will help atleast ten people... After helping others you will feel a great relief in evening because now you have no tension to do something for yourself. Now take a beer, some food & go to sleep...! Repeat that next day again with a target to help more people... You will feel better now because you have no tension to do something for yourself and a happy feeling comes from that you have completed a great responsibility for others...!
I call it 'Suicide therapy', to which I have applied many times for me & every time I have gotten a new energy and a new life...!
..... Thanks...!
,........... Be Happy & Confident.......... !!!

57th Day :: Psychology behind some ideologies

(1)   बड़ों के सामने और भगवान  के सामने सर झुकाना चाहिए।
सच्चाई :- ऐसे वाक्य सीधे -साधे लोगों को कमजोर बनाकर उनसे गुलामी कराने के लिए कहे जाते हैं। बचपन में माँ - बाप के पैर छूने से शुरू हुआ यह सिलसिला आगे भगवान् ,फिर पंडित जी ,फिर गुरु , फिर डॉक्टर ,मंतरी ,विधायक ,पुलिस , जमींदार से होते हुए सड़क छाप दबंग तक पहुँच जाता है और सीधा -साधा आदमी जन्म से लेकर मौत तक सबके सामने नतमस्तक रहता है। और उसके झुके होने का फायदा उठाते हुए ये चालाक और बुरे लोग ज़िन्दगी भर उस भले आदमी की पीछे से मारते रहते हैं और वो सज्जनता के बोझ तले  दबा कभी विरोध भी नहीं कर पाता। 
 interesting बात ये है कि माता -पिता बच्चे का भला चाहते हुए भी ज़िन्दगी भर बच्चा ही बनाये रखना चाहते हैं।  वे उसे  कभी अपने पैरों पर खड़ा होने और दूसरों की गलत बातों का विरोध करना नहीं सिखाते। जहाँ तक भगवान् की बात है तो भगवान् को अच्छे लोगों को अपने क़दमों में झुकाने में अगर  ख़ुशी मिलती तो वो कभी आदमी को चार पैरो की जगह सर उठाकर दो पैरों पर चलने की काबिलियत ही नहीं देता।  हाँ बुरे लोगो को झुकाना चाह सकता है , वो भी सिर्फ इसलिए की वो अपने घमंड को छोड़कर सुधारने का प्रयास करें। 

2 -  बुरा मत देखो ,बुरा मत सुनो ,बुरा मत कहो 
सच्चाई :-  गाँधी जी के इस वाक्य का आशय था कि 'अच्छा बोलो ,अच्छा देखो और अच्छा कहो '  लेकिन आज इसका मतलब ये बना दिया गया कि अगर कहीं भी कुछ बुरा हो रहा है तो 'गूँगा ,बहरा और अँधा बन जाओ।  '

3 -  Be bold ,glamouras for parties and fashion shows :-
सच्चाई :-  boldness का सीधा मतलब साहस से होता है।  लेकिन फैशन और फिल्मों की दुनिया में इस शब्द का इस्तेमाल कपडे उतारने की capacity के लिए किया जाता है। इस प्रोत्साहन की वजह होती है कि  लड़कियों का रवैया लचीला हो जाए और वो इनके प्रोडक्ट के प्रचार और फिल्मो को मसालेदार बनाने के लिए कपडे उतारने के लिए आसानी से तैयार हो जाएँ।  इसी प्रोत्साहन के चलते आगे चलकर     लडकियां  पार्टियां ,नशा करते हुए open sex से होते हुए पोर्न की दुनिया तक पहुच जाती हैं और इस तरह से इन लोगों को  अपनी हर ज़रुरत के लिए आसानी से लडकियां मिल जाती हैं। 

4 - मर्द बनो -(नशा ,रेप ,ह्त्या के लिए) 
सच्चाई :-  इस मानसिकता का इस्तेमाल महिलाओं और कमजोरों पर अत्याचार करवाने के लिए किया जाता है।
 अगर कोई अपनी पत्नी की हेल्प करता है तो लोग कहते हैं कि कैसे आदमी हो, पत्नी की सेवा करते हो ?मर्द बनो ! बाहुबली अपने चमचों को किसी आदमी को परेशान करने,वसूली करने,पीटने या ह्त्या करने और किसी औरत को छेदने या रेप करने के लिए यही कह कर उकसाता है और इस तरह अपना काम निकालता है। नशा करने के लिए भी लोग यही slogan अपनाते हैं।
एक आसान उदाहरण देता हूँ जो लोग higer education के लिए कॉलेज या यूनिवर्सिटी गए होंगे उनको रैगिंग के दौरान लड़कियों को छेड़ने को कहा जाता है और यही स्लोगन दोहराया जाता है।  

5- बलि प्रथा :- 
सच्चाई :-    ये प्रथा लोगों को क्रूर बनाने के लिए की जाती है ,जिससे बलि देने वाले में कोई दया की भावना न बचे।  राजाओं के समय में ये प्रथा जरूरी थी। क्योकि राज्य की सुरक्षा के लिए ऐसे लोगों की जरूरत थी। लेकिन आज ऐसे क्रूर लोगों की कोई जरूरत नहीं है बल्कि ऐसे क्रूर लोग समाज के लिए समस्या ही ज्यादा बनते हैं। 
6- forgive bad people for your peace of mind, eye for an eye will make the whole world blind :-
truth :- ऐसी सोच बुरे लोगों के लिए ढाल का काम करती है और इससे उनका मनोबल बढ़ता है। वो सोचते हैं कि अच्छे लोग कमजोर और बेवक़ूफ़ हैं।  वो सोचते हैं कि मैंने उसको परेशान किया फिर भी वो कुछ नहीं कर पाया अब मई उसकी आँख भी फोड़ दूंगा तो भी वो कुछ नहीं करेगा और स्लोगन में ही उलझ रहेगा। असल में बुरे लोगो की आँखे घमंड से बंद होती है जिससे वो अच्छाई नहीं देख पाते।  इसलिए उनकी आँखें खोलने के लिए कठोर कदम उठाना जरूरी होता है। 
7- कर्म करो ,फल की इच्छा मत करो :-
सच्चाई :-  तुम जिंदगी भर मेरी सेवा करो और बदले में कुछ मत मांगो।  मतलब कि जिंदगी भर के लिए मेरे बंधुआ मजदूर बन जाओ। 
8- धर्म की रक्षा ,जातिवाद ,सम्प्रदायवाद ,क्षेत्रवाद आदि के नाम पर गोलबंदी :-  ऐसी बातों द्वारा गलत लोग अपनी रक्षा , सेवा ,वोट या दूसरे स्वार्थों को पूरा करने के लिए भोले -भाले लोगों को इस्तेमाल करते हैं। 
* मैँ यहाँ ये नहीं कह रहा क़ि ये सभी नियम गलत हैं। मैं बस ये कह रहा हु कि बुरे लोग इनका गलत इस्तेमाल करते हैं। 

Thursday, February 9, 2017

56th day :: No decease in the world is incurable

Some people may be shocked by reading this. But it's really true. There are many deceases in the world but every decease certainly  has it's permanent solution not available to people because of some reason either it's a small problem like cold, cough, headache etc or a big problem like anxiety, depression, dementia, madness, polio, hepatitis, cancer, aids, migraines, heart attack, high blood pressure, low blood pressure, confusion, focus problem, sexual problems  etc. 
Believe me it's true! Only accidental incidents need cure &operations in the hospital, otherwise all other deceases can be cured by a small amount of medicine at home even for a small time & also with a very low cost.
The reason why these deceases doesn't cured in hospitals are mainly 3, which are as follows -
1.    Doctor couldn't analyze what is the  problem or it's reason.
2.     Doctor doesn't want to cure so fast because he wants to make more money.
3.     Doctor doesn't want to cure because of some political pressure.

In all conditions only some deceases made automatically due to environmental or physical conditions otherwise all other diseases are being made by bad people for financial benefit or harassment or for taking revenge etc.
If you don't believe me, allow a peaceful death to the people fighting with cancer by injection & you will see the permanent solution will come in the market in the form of a   medicine within a month & also at a reasonable price compared to the medicines used to extend time of death due to cancer.
* one thing which the people don't know that any decease exist in the world can be created too by bad people and bad doctors. even suicide can be planned by giving a man psychiatric chemical & after that by some bad comments to harass the man . one more thing i want to tell you that if you are a good person and thinks well still from some time you feel dirty thoughts in your mind then it is also a type of mental decease which can be cured as well as can be created..!
Psychiatric Centers or torture rooms :-  you have been seen many films and shows in which a man or woman gets sent to psychiatric centers for torturing. In reality it's also true to a great extent. In psychiatric Centers patients mainly are political prisoners i.e. The prisoners who are sended there to be tortured or the real prisoners who are there so that they can skip from jail.
The treatment is only that give medicine based on indication or take half syringe of blood, analyze what elements are present there which are creating problems and then give medicine to remove unwanted elements & a syrup for mineral or vitamin or protein if patient lacks it. That's all what to be done & it should take maximum of one week to get the patient well.
......Thanks......
...............Be positive & confident ...............