Wednesday, August 16, 2017

69th day :: reality of dreams

ज़िन्दगी में हम सभी consciousness में रहते हुए एक लक्ष्य तय करते हैं और उसे पूरा करने का प्रयास करते है। यही 'लक्ष्य तक पहुँचने की इच्छा' को हम 'dream' (or  vision ) कहते हैं। जाने -अनजाने में यह 'इच्छा' (dream )  हमारे unconscious mind में भी स्टोर हो जाती है। इसलिए जब हम unconsciousness की दशा (or sleeping position) में होते है तो हमारा unconscious mind उस अधूरी इच्छा को पूरी करने के लिए एक पूरा animation या वीडियो बनाकर हमें हमारी इच्छा को पूरी होते हुए दिखाता है।
dreams के बारे में एक और बात सच है कि ये तभी आते हैं जब दिमाग में स्थित hormones में disbalance होता है या हमारा unconscious mind जागता रहता है।
एक स्वस्थ व्यक्ति जिसका सोने -जागने का समय निश्चित हो ,कोई तनाव न हो ,खाने -पीने की मात्रा निश्चित और उचित हो या hormonal disbalance न हो,  तो उसे सपने आने की probability भी बहुत कम होती है। इसका voice -versa भी उतना ही सही है।
e.g.   हम रात को खा-पी कर समय पर सो गए और हमारे उठने का समय 7 am  है लेकिन रात में 3 am को हमें पेशाब लग जाए तो क्या होगा?चूँकि हम उस समय नींद में हैं और हमारा conscious mind सोया रहता है ,हमारा unconscious mind work करता है।  अब चूंकि हमारे hormones सिग्नल दे रहे हैं कि हमें पेशाब करना है , तो हमारा unconscious mind एक animation create करेगा कि हम किसी जगह गए हैं और वहां एक नाली है , जिसमे हम पेशाब कर रहे होते हैं लेकिन असल में हम बिस्तर पर पेशाब कर रहे होते हैं।
बड़े होने पर तो हम कण्ट्रोल कर लेते हैं या जाग जाते हैं लेकिन बचपन में हम सभी ने ऐसा किया होगा। ///

Tuesday, August 15, 2017

68th day :: Modi or Tuglak

मीडिया में आजकल देश के प्रधानमंत्री मोदी जी छाए हुए हैं। पर क्या मोदी जी इतने चमत्कारिक हैं , जितना कि प्रचारित किया जा रहा है। लेकिन हक़ीक़त की जमीन पर मोदी क्या हैं ?
मेरे हिसाब से मोदी वर्तमान के तुगलक हैं  जो बहुमत की सत्ता के मद में चूर होकर , अपने विरोधियों को तो छोड़िये अपने सहयोगियों और अन्य एक्सपर्ट्स की राय लिए बिना फैसले पर फैसले लिए जा रहे हैं। ऐसे तानाशाही शासन को जनता कब तक बर्दाश्त करेगी।
मीडिया हर गलत फैसले की तुष्टिकरण के लिए कुछ खरीदे हुए लोगों के मुख से मोदी जी के पक्ष में कुछ बाते कहलवा दे रही है और देश की जनता टीवी के सामने बैठकर 'All is Well' के सपनों में जी रही है।
अब मोदी जी के तुगलकी फरमानों पर एक नज़र डालते हैं :-
मोदी जी ने सत्ता में आते ही 100 दिनों के अंदर काला धन देश में वापस लाने का सपना दिखाया था। बहुत शोर - शराबे के बाद आज का सच ये है कि कालेधन का मुद्दा दबाने के एवज में मीडिया और पॉलिटिक्स से जुड़े कई लोग 'slumdog millionair' की ही तरह slumdog से millionair बन गए और जनता आस लगाए बैठी रही। जनता यही सोचती रही कि मोदी जी के घर देर है अंधेर नहीं।
लेकि अंधेर भी तब हो गयी जब एक सुबह खबर मिली कि 500 और 1000 के नोट बंद कर दिए गए। इसके बाद आम जनता को सैकड़ों दिन लाइन में खड़ा कराने के बाद भी 'All is Well'  की थपकी के रूप में सांत्वना दी जाती रही।
फिर आया एक और तुगलकी फरमान देश में 'डिजिटल क्रांति' लाने का और 'cashless economy' का। 
demonetisation और पैसे निकालने की लिमिट के चलते देश का आम आदमी पहले से ही कैशलेस हो चूका था फिर ये अतिरिक्त प्रयास क्यों ? रही बात डिजिटल क्रांति की तो मोदी जी को ये कॉमन सी बात अपने दिमाग में डाल लेनी चाहिए थी कि जिस देश की आधी आबादी निरक्षर हो , वहाँ जबरदस्ती डिजिटल क्रांति करवाने से क्या फायदा होगा। ऐसे लोग मोबाइल और कंप्यूटर के तामझाम को कैसे समझेंगे। और फिर भी अगर ये डिजिटल क्रांति हो भी गयी तो काम पढ़े - लिखे लोगों के साथ धोखाधड़ी के मामले बेतहाशा बढ़ जायेंगे। 
इसलिए मोदी जी को पहले सम्पूर्ण साक्षरता अभियान चलाना चाहिए था।  उसके बाद ही डिजिटल क्रांति सही मायनों में सफल हो सकती है।
यहाँ मैं ये बताना जरूरी समझता हूँ कि मीडिया के ताजा विश्लेषण के अनुसार demonetisation और ऐसे ही अन्य तुगलकी फरमानो की वजह से लोगों को परेशानियाँ तो उठानी ही पड़ी ,साथ ही देश को आर्थिक स्तर पे भी घाटा सहना पड़ा। 
मतलब कि मोदी जी के फैसलों से फायदा नाममात्र का हुआ है और बेशुमार नुकसान ,
इसलिए यही है तुगलकी फरमान। .!!

Thursday, June 22, 2017

67th Day :: why i couldn't laugh at the comedy shows and films in india

आजकल tv channels पर comedy shows की बाढ़ सी आ गयी है और साथ ही आ गयी है इनपर भद्दे और अश्लील comments की बाढ़।
 एक अच्छा कॉमेडियन खुद पर व्यंग्य करके कॉमेडी पैदा करता है(जैसे कि सर्कस में एक जोकर करता है) न कि दूसरों की खिल्ली उड़ाकर और अश्लील कमेंट्स की मदद लेकर।
जैसा कि मैंने पहले भी बाज़ारवाद के post में लिखा है कि दिक्कत किसी वस्तु को बेचे जाने से नहीं होती बल्कि बाजार के saturated होने के बाद जबरदस्ती जरुरत पैदा करने की कोशिश से होती है।  और कॉमेडियंस को sexual topics और guests की खिल्ली उड़ाने वाले टॉपिक्स ऐसे ही आसान मुद्दे लगते हैं। जिनसे रोज के show के लिए मसाला मिल जाता है otherwise अच्छे मुद्दों पर कॉमेडी करने के लिए ज्यादा मेहनत और ज्यादा time की जरूरत होती है जो ये कॉमेडियन करना नहीं चाहते ।
कभी -कभी तो ये कॉमेडी guests और public के लिए भी असह्य हो जाती है।  इसलिए कॉमेडी करते समय guests और दर्शकों की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए।
 ..........jai hind.........
...........be cool...........

Tuesday, June 6, 2017

66th Day :: Misuse of Confusion in Politics

Confusion has its own pros & cons. I had tell you before in my previous post that confusions are beneficial specifically in research because it helps to break set limits even when you don't have much will power to break it .  but its bad result is that it conjume much time and still results we get maybe wrong..because by the state of confusion we could  get the power to open an unknown gate but we didn't know that gate opens in the way of heaven or hell .so if we are in the state of confusion, we need somebody who knows the right way and at whom we can fully trust .
  but by our bad fate more people in the world are just opposite . such people who instead  of saving us from confusion, tries to get gain by throwing us in the situation of confusion.
these are those opportunist 50/50 type people who behave you good as well as bad behavior so that you never can decide to oppose them . and by this gain they reigne on us . they always  remain in contact with both the good as well as bad people . and thus by making quarrel between good and bad they reign on us . they never want to make justice , they just want to controll people so that they can reigne ...

.......jai hind.....!

65th day ::: जीत-हार का क्रम :: कितनी सच्चाई कितना भ्रम

कुछ दुर्भाग्यशाली लोगों (जिनके guardians लापरवाह होते हैं ) को छोड़कर बाकी सभी लोगों को जन्म से ही जीतना सिखाया जाता है। ऐसा करना पुरी तरह गलत भी नहीं है लेकिन हम जीतना सिखाते हुए ये सिखाना भूल जाते हैं कि जीत किस कीमत पर पाना चाहिए । हमें ये ध्यान देना चाहिए कि कहीं हम जीत से मिलाने वाले पैसे या ख़ुशी या सम्मान आदि से ज्यादा जीत हासिल करने के लिए गँवा तो नहीं रहे ?
     आजकल दुनिया में ऐसी ही आपाधापी मची है। सबको जीत चाहिए चाहे उसके लिए कुछ भी कीमत चुकानी पड़े। ऐसे लोग ही अधिकतर कुछ चालाक लोगो का काम या तो प्यादा बनकर जीतने के लिए करते है या फिर किंग बनकर न हारने के लिए ही करते हैं।
कीमत चुकाने के उदहारण के तौर पर देखें तो एक छोटी सी नौकरी पाने के लिए लोग 5-10 लाख तक रिश्वत देने को तैयार रहते हैं। चाहे उतनी रकम वसूलने में जिंदगी ही क्यों न गुजर जाए।
दूसरे उदाहरण के तौर पर हम देख सकते है कि जीत और पैसे के लिए लोग कितना नीचे गिर जाते हैं।  यहाँ तक कि लोग murder , molestation  और rape से भी बाज नहीं आते।
हमें किसी को जीतना सिखाने से पहले यह सिखाना चाहिए कि उस जीत को पाने के लिए किस हद तक जाना चाहिए। मैंने देखा है कि जिस हद तक हम molesters आदि का विरोध करते है , उससे कहीं ज्यादा हद तक molesters आदि अपने बॉस से इनाम पाने के लिए ऐसा करने को तैयार रहते हैं।
         इसलिए हमें अपने बच्चों को जीतना सिखाते हुए ये जरूर सिखाना चाहिए कि जीत केवल तभी तक जरूरी है जब तक कि जीतना सही हो वरना गलत होने पर हारना , जीतने से अच्छा है।  यहाँ तक कि भले ही एक छोटे से बच्चे से हारना पड़े।

........jai hind......jai bhaarat.................! 

Friday, June 2, 2017

63rd day :: A salute to real boldness

हमारी फिल्म इंडस्ट्री और समाज में भी लड़कियों के कपडे उतारने को ही बोल्डनेस का पर्याय माना जाता है।  लेकिन कुछ दिनों पहले मैंने  रियल बोल्डनेस  को देखा।  मैंने देखा कि कैसे कुछ साधारण लड़कियों और हीरोइनों तक ने अपने साथ हुए molestetion और sexual abuse की घटना को खुलेआम सबके सामने रखा। ऐसा करने के लिए बहुत ही courage की जरूरत थी , जो इन लड़कियों में थी।  साथ ही इसी courage की कमी की वजह से कई दोषीं अपराधी सजा से बच जाते हैं। 

Saturday, February 25, 2017

62th day :: Computer hi Computer hai, Solution kuch pata nahi

आज की दुनिया में कंप्यूटर का बहुत महत्त्व है।  कंप्यूटर ने हमारे बहुत से काम आसान कर दिए है।  वास्तव में कंप्यूटर ने भगवान् का रूप ले लिया है।  आपको जानकार आश्चर्य होगा क़ि अब ये सिर्फ कहने की ही बात नहीं रह गयी है यह सच है , आज परम कंप्यूटर ने परमात्मा की जगह ले ली है।  हमसे जो कहा जाता है कि परमात्मा सब देख , सुन और जान रहा है , वो असल में कोई व्यक्ति होता है जो परम कंप्यूटरों के माध्यम से हमारी जानकारियां चुरा रहा होता है। दुनिया भर में कुल 50 -100  सुपर कंप्यूटर, परम कंप्यूटर या क़्वांटम कंप्यूटर होंगे जो इन्ही तरह के कामो में लगे है। अगर इनका उपयोग समाज की भलाई के लिए और बुरे लोगों के खिलाफ  होता तो शायद इतनी दिक्कत की बात नहीं थी लेकिन दुर्भाग्य से ऐसा नहीं हो रहा है , बल्कि इसका ठीक उल्टा यानी कुछ पावरफुल लोगों द्वारा आम लोगों के खिलाफ और scientists की कीमती जानकारिया चुराने में  हो रहा है।
आइये मैं आपको detail में बताता हूँ -

1.   Listener Computer :-  इस तरह के कंप्यूटर के द्वारा आपकी सभी बातें चाहे वो कितनी ही निजी क्यों न हो सुनी जा सकती हैं , यहां तक कि आपके बैडरूम की बातें भी। अब आप ही सोचिये कि दुनिया में कितने ऐसे लोग होंगे जो आपके बैडरूम की बातें जानकर  उसका सही इस्तेमाल करेंगे। आपकी बात सुनने के लिए ये शायद आपको एक ख़ास तरह का पेय या खाद्य पदार्थ आपको दे दें।

2.   Eye Reader :-  इस तरह के कंप्यूटर के द्वारा आपके द्वारा देखी जाने वाली हर चीज कोई दूसरा देख सकता है , यहां तक कि बैडरूम में आप क्या कर रहे हैं वो भी।  अब ऐसे दृश्यों का कितने लोग सही इस्तेमाल करते होंगे ? आपकी आंखों से देखने के लिए भी ये शायद आपको एक ख़ास तरह का पेय या खाद्य पदार्थ आपको दे दें।

3.   Mind Reader :-  इस तरह का कंप्यूटर ऊपर के दोनों कंप्यूटरों से ज्यादा खतरनाक है।  इसकी मदद से आप क्या सोच रहे हैं , ये भी पता लगाया जा सकता है।  आप सभी जानते हैं कि हमारा दिमाग एक ऐसी प्रयोगशाला है जिसमें 99 गलत प्रोडक्ट बनने के बाद ही एक सही प्रोडक्ट बनता है। ऐसे में हमारे 99 गलत प्रोडक्ट के आधार पर हमें कितना ब्लैकमेल किया जा सकता है? ऐसा करने के लिए भी ये शायद आपको एक ख़ास तरह का पेय या खाद्य पदार्थ आपको दे दें।

4.   Internet Reader :-   इस तरह के कंप्यूटर के द्वारा इन्टरनेट पर आपकी सारी  activities और histori  जैसे कि अभी आप नेट पर क्या कर रहे हैं , से लेकर past में आपने क्या-क्या सर्च किया , क्या देखा , क्या पसंद किया , क्या नापसंद किया।, एडल्ट डेटिंग साइट पर गए या नहीं , पोर्न देखा कि नहीं जैसी सारी जानकारियां जुताई जा सकती हैं और कहने की बात नहीं है कि इसके आधार पर आपको ब्लैकमेल भी किया जा सकता है।

5.  Some anti- Computers :-  ये कुछ ऐसे कंप्यूटर हैं जो खासकर ऊपर के कंप्यूटरों के प्रभाव से बचने के लिए बनाये गए हैं।  मैं इनके बारे में ज्यादा नहीं कहना चाहूंगा क्योंकि हो सकता है ये समाज की भलाई के लिए हों।

6.  Climate Change  :-  इस तरह के कंप्यूटर के द्वारा किसी भी तरह का मौसम परिवर्तन संभव है।  उदाहरण के लिए अगर satelight में एक बड़ा लेंस फिट कर के सूरज की किरणों को एक ख़ास दिशा में मोड़ दिया जाए तो उस दिशा में गर्मी और दूसरी दिशा में छाया या ठंडी हो जायेगी।

7.  Scary Scene Creater :-  इस तरह के कंप्यूटर द्वारा किसी के भी घर में scary scene create की जा सकती है।  जिसके लिए 3d sound , 3d picture , some light effect etc का इस्तेमाल किया जा सकता है। हो सकता है कि आपके घर के आसपास कुछ साउंड बॉक्स और मशीनें रखी हों , जिनसे 3d sound aur 3d picture create की जा रही हों और आपको लगता हो कि आवाज आपके घर के अंदर से आ रही है।  जैसा कि हेडफोन से 3d sound सुनते हुए लगता है , 3d picture के लिए हो सकता है कि टेक्नोलॉजी इतनी बढ़ गयी हो कि 3d picture के लिए आपको स्पेशल चश्मे की जरूरत न पड़े और आपको सब कुछ रियल लगे। जहाँ तक बिजली का सवाल है तो बोर्ड में एक चोट सा चिप लगा कर बल्ब में scary effect  दिया जा सकता है।

8.  Computers for medical tests :-  मेडिकल क्षेत्र में भी संभव है कि विभिन्न प्रकार की बीमारियां पैदा करने वाली दवाएं (खासकर एक निश्चित समय के बाद रियेक्ट करने वाली ) बनाने के लिए और genetically synthesized बीज , जानवर और इंसान भी बनाने के लिए इनका उपयोग होता हो।

वैसे अगर किसी भी ताकत का इस्तेमाल आम जनता की भलाई के लिए हो तो मैं  उसे सही मानता हूँ लेकिन इन ताकतों का सही इस्तेमाल नहीं हो रहा है। भले ही इनका आविष्कार समाज की भलाई के लिए हुआ हो लेकिन जैसा की कहावत है कि मोहब्बत और जंग में सब जायज है , उसी तरह या तो किसी के लगाव में या किसी  से नफरत में इन लोगों ने इंसानियत की सारी  सीमाएं पार  कर दी। हालात ये है कि एक दुश्मन की जानकारी जुटाने के लिए ये हजारों , लाखों लोगों की निजी जानकारियों से खिलवाड़ करने से नहीं चूकते।
अंत में मैं बस यही कहना चाहता हु कि इस तरह के ताकत का इस्तेमाल सिर्फ कुछ बुरे लोगों के खिलाफ जानकारी जुटाने के लिए और सीमित मात्रा में होना चाहिए अथवा इन्हें पूरी तरह से नष्ट कर दिया जाना चाहिए। 

Sunday, February 19, 2017

61th Day :: A good decision to make our country clean

Make non_veg, liquor, cigarette & lather industry only in one district...

हमारा देश विविधताओ का देश है। हमारे देश में शाकाहारी और मांसाहारी दोनों तरह के लोग पर्याप्त मात्रा में है।  समस्या ये है कि माँसाहारी व्यक्ति को तो शाकाहारी व्यक्ति से कोई दिक्कत नहीं होती क्योंकि वो माँस के साथ -साथ साग -सब्जी भी खा सकता है लेकिन शाकाहारी व्यक्ति को माँस , शराब आदि से दिक्कत होती है।  साथ ही असामाजिक तत्व भी शराबी और माँसाहारी लोग ही होते हैं।
इसलिए मेरा सुझाव है कि अगर मांस ,,शराब , गुटखा ,सिगरेट ,बीड़ी , चमड़ा आदि जैसे उद्योगों को देश भर से हटाकर सिर्फ एक शहर तक सीमित कर दिया जाय और इनकी बिक्री के लिए हर शहर और गाँव से ५०० मीटर दूरी पर एक छोटा सा बाजार निर्धारित कर दिया जाए , जहां डिब्बा बंद मांस , शराब , सिगरेट आदि उपलब्ध हो। बाकि हर जगह इन चीजों की बिक्री पर रोक लगा दी जाये।
इससे एक फायदा तो ये होगा कि शाकाहारी लोगों को अपने सामने बकरा आदि कटते हुए और सड़क आदि पर फेंके गए बेकार मांस के टुकड़ों को नहीं देखना पड़ेगा और दूसरा फायदा ये होगा कि गाँव के सभी असामाजिक तत्त्व अधिकतर गाँव से बाहर रहेंगे जिससे गाँव में होने वाले लड़ाई - झगड़े भी कुछ हद तक कम हो जायेंगे।
सबसे बड़ी बात है क़ि यही चीजे है जो सडकों पर और लोगों के दिमाग में सबसे ज्यादा गँदगी पैदा करती है जिससे समाज का माहौल खराब होता है। 

Saturday, February 18, 2017

60th Day. :: Love: from my point of view

Love is simply the god's grace on earth.
True Love is to find someone who feels to you like everything, someone without which you can't find the happiness in your favourite music, without which you feel tatally alone even in the crowd, no taste feels in your favourite dishes. The two of them are like the two parts of zigsaw puzzle which makes a perfect picture after combined I.e. together they mean everything but without joining they mean nothing & as one of my friend has said that if one can love another not only when he sees others brighter side but after seeing darker side of that, then It's true Love..!

59th Day :: How to make our society clean from bad people

Our society is like a computer system & bad people are like the file infected with a virus. So we should use a solid antivirus system to make our computer(society) clean.Now think how an antivirus works:- it first repaires the files which are less corrupted and repairable & deletes the highly corrupted and unrepairable files.
Now a question raises that how we can set the limit when a corrupted file(bad people) is repairable and when it needs deleting? this limit all depends on our capacity or +ve energy.for this take a look to the science theory of energy:-
Positive and negative energy :-. Energy is like two pots filled with water. If we connect both the pots then energy will flow from higher to lower energy pot either it's +ve or -ve.  So We should be in the company of people with higher +ve energy & away from people with-ve energy.


we can use our anti virus by using 3 keys-
  i. e.  Ctrl, Alt then Delete key
now learn the condition to use these keys:-

Ctrl key      :-  if you have more +ve energy than the man's or people's -ve energy you are facing and their fault is forgivable then follow this method. Here you can try to change that people. Bellow is the basic  maths formula which will show that what type of behaviour we should follow with what type of people-


1.   (+)  *  (+)  =  (+)
2.   (-)  *  (-)    =  (+)
3.   (+)  *  (-)   =  (-)
4.   (-)   *  (+)   =  (-)
#   here sign in first column shows good(+) or bad(-) people & second sign with multiplication sign(*) shows the behavior we use against them & the third sign shows the results We get.
As you can see in first option if you use good behaviour with good people then we get good results,in second option if we use bad behaviour with bad people then it also gives us good results, in third option if We use bad behaviour with good people then we get bad results & in the last option if We use good behaviour with bad people then again we will get bad results..
These results are very true in our lives. Generally we and our system make some faults that we use bad behaviour for good people & good behaviour for bad people because of which we get many bad results.
E.g. our system behave very badly for any government offices work & on the other side human rights groups many times fights for criminals which all creates problems in society.

Alt key        :-.    Use this key I.e. alternative solution if fault is forgivable but you don't have sufficient +ve energy to convert -ve people against you into +ve & you hope that after some time you will get required +ve energy or you will get help from someone or from police etc. For getting time you can make a wall between you and other people. If your wall weakens before getting sufficient energy then use Tit for tat formula..

Delete key  :- if you cannot arrange sufficient +ve energy to change people or person is so much corrupted (has very high -ve energy) that he will take very long time to make +ve, then follow delete option

Friday, February 17, 2017

64th day :: What we mean by Spirituality

Spirituality is a well planned psychology for goodness of honest people except some which are implanted forcefully for looting people by fake priests.
E.g.
  -  If you help others, the God will help you:  I have been described it in previous post that if you help others then many others will also get inspired & help people in need. Suddenly it will be a routine. Thus now you will get the most possibility of getting helped in danger.
Many other examples also exists but i can't get it right now ....

58th Day ::. Want to do Suicide; please do but do that slightly differently

I have explained before that suicide is also a type of decease and it can be cured as well as can be created also.  So if you are suffering from  suicidal thoughts then please contact a psychologist or psychiatrist.
But what to do untill you contact the doctor? you know that bear doesn't kill or eat the dead person, death is also like this . when you get surrounded by suicidal thoughts, just close your eyes & suppose yourself as dead! Now think what is the use of your dead body? you will feel that dead body is of no use for you ,so decide that you will donate it to the world i. e. "after today i will never want anything for me because i'm dead & so i will do everything for others".  Try to sleep now. Next day as you arises first remember what you have decided yesterday then think "today before sleeping I will help atleast ten people... After helping others you will feel a great relief in evening because now you have no tension to do something for yourself. Now take a beer, some food & go to sleep...! Repeat that next day again with a target to help more people... You will feel better now because you have no tension to do something for yourself and a happy feeling comes from that you have completed a great responsibility for others...!
I call it 'Suicide therapy', to which I have applied many times for me & every time I have gotten a new energy and a new life...!
..... Thanks...!
,........... Be Happy & Confident.......... !!!

57th Day :: Psychology behind some ideologies

(1)   बड़ों के सामने और भगवान  के सामने सर झुकाना चाहिए।
सच्चाई :- ऐसे वाक्य सीधे -साधे लोगों को कमजोर बनाकर उनसे गुलामी कराने के लिए कहे जाते हैं। बचपन में माँ - बाप के पैर छूने से शुरू हुआ यह सिलसिला आगे भगवान् ,फिर पंडित जी ,फिर गुरु , फिर डॉक्टर ,मंतरी ,विधायक ,पुलिस , जमींदार से होते हुए सड़क छाप दबंग तक पहुँच जाता है और सीधा -साधा आदमी जन्म से लेकर मौत तक सबके सामने नतमस्तक रहता है। और उसके झुके होने का फायदा उठाते हुए ये चालाक और बुरे लोग ज़िन्दगी भर उस भले आदमी की पीछे से मारते रहते हैं और वो सज्जनता के बोझ तले  दबा कभी विरोध भी नहीं कर पाता। 
 interesting बात ये है कि माता -पिता बच्चे का भला चाहते हुए भी ज़िन्दगी भर बच्चा ही बनाये रखना चाहते हैं।  वे उसे  कभी अपने पैरों पर खड़ा होने और दूसरों की गलत बातों का विरोध करना नहीं सिखाते। जहाँ तक भगवान् की बात है तो भगवान् को अच्छे लोगों को अपने क़दमों में झुकाने में अगर  ख़ुशी मिलती तो वो कभी आदमी को चार पैरो की जगह सर उठाकर दो पैरों पर चलने की काबिलियत ही नहीं देता।  हाँ बुरे लोगो को झुकाना चाह सकता है , वो भी सिर्फ इसलिए की वो अपने घमंड को छोड़कर सुधारने का प्रयास करें। 

2 -  बुरा मत देखो ,बुरा मत सुनो ,बुरा मत कहो 
सच्चाई :-  गाँधी जी के इस वाक्य का आशय था कि 'अच्छा बोलो ,अच्छा देखो और अच्छा कहो '  लेकिन आज इसका मतलब ये बना दिया गया कि अगर कहीं भी कुछ बुरा हो रहा है तो 'गूँगा ,बहरा और अँधा बन जाओ।  '

3 -  Be bold ,glamouras for parties and fashion shows :-
सच्चाई :-  boldness का सीधा मतलब साहस से होता है।  लेकिन फैशन और फिल्मों की दुनिया में इस शब्द का इस्तेमाल कपडे उतारने की capacity के लिए किया जाता है। इस प्रोत्साहन की वजह होती है कि  लड़कियों का रवैया लचीला हो जाए और वो इनके प्रोडक्ट के प्रचार और फिल्मो को मसालेदार बनाने के लिए कपडे उतारने के लिए आसानी से तैयार हो जाएँ।  इसी प्रोत्साहन के चलते आगे चलकर     लडकियां  पार्टियां ,नशा करते हुए open sex से होते हुए पोर्न की दुनिया तक पहुच जाती हैं और इस तरह से इन लोगों को  अपनी हर ज़रुरत के लिए आसानी से लडकियां मिल जाती हैं। 

4 - मर्द बनो -(नशा ,रेप ,ह्त्या के लिए) 
सच्चाई :-  इस मानसिकता का इस्तेमाल महिलाओं और कमजोरों पर अत्याचार करवाने के लिए किया जाता है।
 अगर कोई अपनी पत्नी की हेल्प करता है तो लोग कहते हैं कि कैसे आदमी हो, पत्नी की सेवा करते हो ?मर्द बनो ! बाहुबली अपने चमचों को किसी आदमी को परेशान करने,वसूली करने,पीटने या ह्त्या करने और किसी औरत को छेदने या रेप करने के लिए यही कह कर उकसाता है और इस तरह अपना काम निकालता है। नशा करने के लिए भी लोग यही slogan अपनाते हैं।
एक आसान उदाहरण देता हूँ जो लोग higer education के लिए कॉलेज या यूनिवर्सिटी गए होंगे उनको रैगिंग के दौरान लड़कियों को छेड़ने को कहा जाता है और यही स्लोगन दोहराया जाता है।  

5- बलि प्रथा :- 
सच्चाई :-    ये प्रथा लोगों को क्रूर बनाने के लिए की जाती है ,जिससे बलि देने वाले में कोई दया की भावना न बचे।  राजाओं के समय में ये प्रथा जरूरी थी। क्योकि राज्य की सुरक्षा के लिए ऐसे लोगों की जरूरत थी। लेकिन आज ऐसे क्रूर लोगों की कोई जरूरत नहीं है बल्कि ऐसे क्रूर लोग समाज के लिए समस्या ही ज्यादा बनते हैं। 
6- forgive bad people for your peace of mind, eye for an eye will make the whole world blind :-
truth :- ऐसी सोच बुरे लोगों के लिए ढाल का काम करती है और इससे उनका मनोबल बढ़ता है। वो सोचते हैं कि अच्छे लोग कमजोर और बेवक़ूफ़ हैं।  वो सोचते हैं कि मैंने उसको परेशान किया फिर भी वो कुछ नहीं कर पाया अब मई उसकी आँख भी फोड़ दूंगा तो भी वो कुछ नहीं करेगा और स्लोगन में ही उलझ रहेगा। असल में बुरे लोगो की आँखे घमंड से बंद होती है जिससे वो अच्छाई नहीं देख पाते।  इसलिए उनकी आँखें खोलने के लिए कठोर कदम उठाना जरूरी होता है। 
7- कर्म करो ,फल की इच्छा मत करो :-
सच्चाई :-  तुम जिंदगी भर मेरी सेवा करो और बदले में कुछ मत मांगो।  मतलब कि जिंदगी भर के लिए मेरे बंधुआ मजदूर बन जाओ। 
8- धर्म की रक्षा ,जातिवाद ,सम्प्रदायवाद ,क्षेत्रवाद आदि के नाम पर गोलबंदी :-  ऐसी बातों द्वारा गलत लोग अपनी रक्षा , सेवा ,वोट या दूसरे स्वार्थों को पूरा करने के लिए भोले -भाले लोगों को इस्तेमाल करते हैं। 
* मैँ यहाँ ये नहीं कह रहा क़ि ये सभी नियम गलत हैं। मैं बस ये कह रहा हु कि बुरे लोग इनका गलत इस्तेमाल करते हैं। 

Thursday, February 9, 2017

56th day :: No decease in the world is incurable

Some people may be shocked by reading this. But it's really true. There are many deceases in the world but every decease certainly  has it's permanent solution not available to people because of some reason either it's a small problem like cold, cough, headache etc or a big problem like anxiety, depression, dementia, madness, polio, hepatitis, cancer, aids, migraines, heart attack, high blood pressure, low blood pressure, confusion, focus problem, sexual problems  etc. 
Believe me it's true! Only accidental incidents need cure &operations in the hospital, otherwise all other deceases can be cured by a small amount of medicine at home even for a small time & also with a very low cost.
The reason why these deceases doesn't cured in hospitals are mainly 3, which are as follows -
1.    Doctor couldn't analyze what is the  problem or it's reason.
2.     Doctor doesn't want to cure so fast because he wants to make more money.
3.     Doctor doesn't want to cure because of some political pressure.

In all conditions only some deceases made automatically due to environmental or physical conditions otherwise all other diseases are being made by bad people for financial benefit or harassment or for taking revenge etc.
If you don't believe me, allow a peaceful death to the people fighting with cancer by injection & you will see the permanent solution will come in the market in the form of a   medicine within a month & also at a reasonable price compared to the medicines used to extend time of death due to cancer.
* one thing which the people don't know that any decease exist in the world can be created too by bad people and bad doctors. even suicide can be planned by giving a man psychiatric chemical & after that by some bad comments to harass the man . one more thing i want to tell you that if you are a good person and thinks well still from some time you feel dirty thoughts in your mind then it is also a type of mental decease which can be cured as well as can be created..!
Psychiatric Centers or torture rooms :-  you have been seen many films and shows in which a man or woman gets sent to psychiatric centers for torturing. In reality it's also true to a great extent. In psychiatric Centers patients mainly are political prisoners i.e. The prisoners who are sended there to be tortured or the real prisoners who are there so that they can skip from jail.
The treatment is only that give medicine based on indication or take half syringe of blood, analyze what elements are present there which are creating problems and then give medicine to remove unwanted elements & a syrup for mineral or vitamin or protein if patient lacks it. That's all what to be done & it should take maximum of one week to get the patient well.
......Thanks......
...............Be positive & confident ...............

Friday, January 13, 2017

fσr ѕσmєσnє ѕpєcíαl ...!!!!!

I am in love with a beauty same as she is in love with myself (atleast as i can feel). She is beautiful, cute, calm, sensual and have many more properties which i was just imagining in my dreams like what my lover should have. it's all started by seeing her photo many years ago, in which i saw my future image that means i saw some properties on her face which i wanted to develop for myself and i was not wrong. later as time goes she proved herself that she have more properties than i had saw on her face. She was a self dependent and super successful girl still she dared to love a boy like me who was struggling in life very badly. Maybe my visions were great but I was helpless because of my physical and mental condition (or illnesses), still she lived my dreams even if she knows she may not get myself because of my problems. I think it is the best example of true Love in which you know that you will not get your lover still you live his/her life and complete his/her dreams. I also love her in a great way. I am loving her by a long time, many times she comes in my dreams (either I'm sleeping or waking) but never i have thought to sleep with her. Although it's clear that if we would ever met then certainly we have sex and make children but this time i never think about sex while dreaming herself. We are more like true friends than true Lovers. Maybe we are apart from each other by distances but our souls are connected. We can feel each other's feeling (or i would like to say 'saansen') at any moment. Well I'm not happily but a married man now, still i love her. Many people can say me wrong but when I listen to my heart, it speaks only the name of my lover. Now I just want to make my Lovers dreams come true. I think my marriage was a compromise, l have made with the conditions that created. I think my wife as well as my lover will think me as a cheater but I'm honest and only listening to my heart. in films like 'Dhadkan', it shows that a girl loves a boyfriend but married to another man and in the last accepts the married man as her husband. But in reality i think it destroying three lives- mine,my wife's life and my lover's also (if she also loves me in reality).
This time I just want to be with my lover but I'm surrounded by many responsibilities and boundations and don't know how to meet my lover and get her in my life. I'm praying to God in future if i would manage to meet my lover, then she will accept me and my wife will not call me as a cheater and both will understand my emotions.
In the last i only want to say my lover (if she is also reading my blog) that-


 " I Love You a lot, please be with me"